इंटरनेट आपके अनुरूप. होना यही चाहिए.
Firefox एक तेज़ और प्राइवेट ब्राउज़र है, जो यूज़र की सुरक्षा का पहले दिन से ख्याल रखता है. यह कॉमन ट्रैकर्स को ऑटोमेटिक ही ब्लॉक कर देता है, आपका डेटा सुरक्षित बनाए रखता है और आपको ज़्यादा निश्चिंत होकर ब्राउज़ करने की सुविधा देता है—किसी एक्स्ट्रा सेटअप या बार-बार कुछ करते रहने की ज़रूरत नहीं.
लोग Firefox क्यों चुनते हैं: बेहतर ट्रैकिंग प्रोटेक्शन – यह ट्रैकर्स को डिफ़ॉल्ट रूप से ब्लॉक कर देता है, ताकि कंपनियां आपको इंटरनेट पर ट्रैक न कर पाएं.
प्राइवेट ब्राउज़िंग मोड – बेफ़िक्र ब्राउज़ करें, बिना अपनी हिस्ट्री, सर्च या कुकीज़ को सेव किए हुए. डिवाइस से दूर जाते ही आपके प्राइवेट टैब अपने आप लॉक हो जाते हैं.
टोटल कुकी प्रोटेक्शन – क्रॉस-साइट ट्रैकिंग को मुश्किल बना देता है, क्योंकि यह ट्रैकिंग कुकीज़ को केवल उन्हीं साइट तक सीमित रखता है जिन्होंने ये कुकीज़ बनाई हैं.
एक्सटेंशन – अपने ब्राउज़िंग अनुभव को अपने मुताबिक कस्टमाइज़ करने के लिए ऐड ब्लॉकर और प्राइवेसी टूल जैसे सपोर्टेड एक्सटेंशन जोड़ें.
पहले से मौजूद पासवर्ड मैनेजर – मज़बूत पासवर्ड जनरेट करें, उन्हें सुरक्षित रूप से सेव करें और ज़रूरत पड़ने पर लॉगिन जानकारी अपने-आप भरे जाने की सुविधा पाएं.
सर्च करने के लचीले विकल्प – अपना डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन चुनें या सीधे सर्च बार से ही सर्च इंजन बदलें.
रीडर मोड – किसी भी लेख से विज्ञापन और अनावश्यक चीज़ें हटाएं, ताकि आपको जो पढ़ना है उस पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
अपने हर डिवाइस पर सिंक करें – अपने Mozilla अकाउंट में साइन इन करके अपने सिंक किए गए टैब, बुकमार्क और पासवर्ड तुरंत हासिल करें और वहीं से अपना काम जारी रखें जहां आपने छोड़ा था.
गोपनीयता पाएं डिफ़ॉल्ट रूप सेFirefox इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ब्राउज़िंग शुरू करने के पहले पल से ही इसमें प्राइवेसी की सुविधा मिल जाती है. 'बेहतर ट्रैकिंग प्रोटेक्शन' आमतौर पर पाए जाने वाले बैकग्राउंड ट्रैकर्स को अपने-आप ही ब्लॉक कर देता है, जिनमें सोशल मीडिया ट्रैकर्स, क्रिप्टो माइनर्स और फ़िंगरप्रिंटर्स शामिल हैं. 'टोटल कुकी प्रोटेक्शन' आपकी हर साइट की एक्टिविटी को एक-दूसरे से अलग रखता है, जिससे कंपनियों के लिए आपकी ब्राउज़िंग आदतों का प्रोफ़ाइल बना पाना मुश्किल हो जाता है.
जब आपको ज़्यादा प्राइवेसी की ज़रूरत होती है, तो प्राइवेट ब्राउज़िंग मोड आपकी हिस्ट्री, सर्च या कुकीज़ को सेव नहीं करता है. आपके दूर हटते ही प्राइवेट टैब्स अपने-आप लॉक हो जाते हैं और फिर उन्हें अनलॉक करने के लिए आपके फ़िंगरप्रिंट, पिन या डिवाइस सिक्योरिटी की आवश्यकता होती है.—इससे आपकी एक्टिविटी गोपनीय बनी रहती है, भले ही आपका फ़ोन कोई दूसरा व्यक्ति इस्तेमाल करने लगे.
काम की चीज़ों पर फ़ोकस करेंइंटरनेट ध्यान भी भटकाता है. Firefox इस तरह बनाया गया है कि आप पूरा ध्यान अपने काम पर लगा सकें, आपको हर चीज़ खुद मैनेज नहीं करनी पड़ती है. रीडर मोड लेखों से फालतू चीज़ें हटा देता है, और पिक्चर-इन-पिक्चर मल्टीटास्किंग के दौरान वीडियो को सामने रखता है—इससे आप अपना ध्यान अपने काम पर लगाए रख सकते हैं.
अपने तरीके से ब्राउज़ करेंजैसे ब्राउज़िंग करनी हो उस हिसाब से Firefox को कस्टमाइज़ करें. अपनी होम स्क्रीन को अपने मनपसंद ढंग से सजाएं, तमाम वॉलपेपर और लेआउट के अनेक विकल्पों की मदद से. ऐड ब्लॉकर और प्राइवेसी टूल्स जैसे एक्सटेंशन जोड़ें. किसी एक ही इकोसिस्टम में बंधे रहने के बजाय अपनी पसंद का सर्च इंजन चुनें.
आसानी से एक हाथ से ब्राउज़िंग करने के लिए आप सर्च बार को स्क्रीन के ऊपर या नीचे ले जा सकते हैं. अपने Mozilla अकाउंट में साइन इन करें ताकि आप अलग-अलग डिवाइस पर टैब्स, बुकमार्क, पासवर्ड और ब्राउज़िंग हिस्ट्री सिंक कर सकें, ताकि डिवाइस बदलना झंझट भरा न हो.
मुनाफ़े के लिए नहीं, बल्कि आमजन के लिए निर्मितFirefox को Mozilla ने 2004 में बनाया था, दूसरे ब्राउज़रों के मुकाबले तेज़, ज़्यादा प्राइवेसी और ज़्यादा कस्टमाइज़ करने योग्य विकल्प के तौर पर. आज भी, Mozilla नॉन-प्रॉफ़िट है और लगातार अपने प्रयास जारी रखे हुए है ताकि इंटरनेट — और उस पर बिताया जाने वाला आपका समय — बेहतर हो.
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